आज हम बात करेंगे कि कामाख्या जो मंदिर है कामाख्या मंदिर जो आसाम में स्थित है उसके बारे में उसके राज हम आप लोगों को बताएंगे और साथ ही साथ में आप लोगों को यह भी बताऊंगा कि उसका इतिहास क्या रहा है और उस मंदिर की क्या मान्यता है तो सबसे पहले आप लोगों को पता होना चाहिए कि कामाख्या मंदिर जोकि देवी सती का मंदिर है और वह मंदिर स्थित है आसाम में असम के गुवाहाटी क्षेत्र में वह मंदिर स्थित है और उस मंदिर की मान्यता यह है कि वह सबसे बड़ा तांत्रिक पीठ माना गया है इस विश्व का नहीं बल्कि पूरे ब्रम्हांड का और सबसे बड़ी बात यह है कि वह इस पूरे ब्रह्मांड का केंद्र बिंदु माना गया है और कामाख्या मंदिर जो है वह सबसे ज्यादा वहां पर तंत्र होता है सबसे ज्यादा तांत्रिक कामाख्या मंदिर में आते हैं हर साल अंबूवाची पर्व कामाख्या मंदिर में मनाया जाता है जून के महीने में 3 दिन के लिए होता है उस समय रजस्वला का समय हो काल होता है देवी सती का और आप लोगों को सबसे पहले उसका इतिहास पता होना चाहिए कामाख्या मंदिर में देवी सती की योनि का भाग्य रहा था वैसे तो 51 शक्ति पीठ है भारत में पाकिस्तान में नेपाल में और यह शक्तिपीठ कैसे बने यह कामाख्या मंदिर में योनि कैसे गिरी देवी सती की और इस मंदिर की जो है शुरूआत कहां से हुई इस बारे में मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं आप लोगों को सबसे पहले पता होना चाहिए कि जब यह जो मैं आप लोगों को बता रहा हूं कहानी है काफी लाखों साल पुरानी जब देवी सती और उन्होंने शिव भगवान का बहुत बड़ा अपमान किया था उन्होंने उनको नहीं बुलाया था और देवी सती वहां पर गई बल्कि शिव भगवान ने मना किया था वह फिर भी गई वहां पर और उन्होंने देखा कि उनके जो पति है उनके लिए कोई स्थान राजा दक्ष ने नहीं रखा है इसको देखकर वह बहुत ज्यादा क्रोधित हो गई और उस क्रोध के चलते हुए देवी सती ने अपने आप को उसी हवन कुंड की अग्नि में अपने आप को भस्म कर लिया यह देखते हुए क्योंकि भगवान भोलेनाथ त्रिकालदर्शी थे वहां पर आए और वहां पर आने के बाद उन्होंने देवी सप्तशती का जो शरीर था जो कि जल चुका था भ्रम हो चुका था उसको अपने शरीर में लेकर पूरे ब्रह्मांड में जाने लगे और वहां पर बहुत परेशान अवस्था में आ गए भगवान शिव साथ ही साथ भगवान शिव की अवस्था देखकर जो और त्रिदेव है ब्रह्मा और विष्णु बाकी जितने भी देवता का है उनको देखकर उनकी स्थिति को देखकर भगवान शिव की जो इतनी भयावह स्थिति हो चुकी थी उसको देख कर बहुत दुख हुआ और यह एक ब्रह्मांड के लिए बहुत बड़ा खतरा हो चुका था तो इसी के पश्चात् भगवान विष्णु ने अपना सुदर्शन चक्र चलाकर जो देवी सती का जो अंग है उसको अपने चक्र के द्वारा काट दिया और उसके 51 टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर इस देश में पाकिस्तान में एवं नेपाल में जाकर गिरी उसी में से जो यूनिट था वह कामाख्या जोकि कामाख्या के नाम से प्रसिद्ध है वह गुवाहाटी में जाकर गिरा और वहां पर मान्यता यह है कि तंत्र का सबसे बड़ा मेला लगता है और मान्यता मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं जब भगवान शिव ने यज्ञ में जाने के लिए देवी सती को मना किया था तो देवी सती मान ही नहीं थी तो वही स्थल है जहां पर मना किया था कामाख्या में जब देवी सती मान नहीं रही थी तो सिर्फ भगवान बहुत रोकने की कोशिश कर रहे थे देवी सती को मगर देवी सती ने वहां पर 10 महाविद्याओं के रुप लेकर भगवान शिव को घेर लिया था इससे भगवान शिव बहुत ज्यादा भयभीत होकर उन्होंने देवी सती को जाने की आज्ञा दे दी थी और मैं आप लोगों को एक चीज एक राठौर बताने वाला हूं कि जब भी जून का महीना होता है तो एक अंबूवाची पर्व यहां पर मनाया जाता है कामाख्या मंदिर में वह अंबुवाची पर्व में ब्रह्मपुत्र का जो पानी है वह पूरा लाल हो जाता है वहां पर जो झरना है वह पूरा लाल हो जाता है और 3 दिन के लिए यह मंदिर बंद रहता है उनके लिए वहां पर तांत्रिकों का चित्र का बहुत बड़ा लगता है और साथ ही साथ देता है जो आदमी सबसे बड़ा तांत्रिक है इस दुनिया में जो भी जितने भी तांत्रिक है पूरा तांत्रिक तक बनता है तो वहां पर ना तो कोई फोटो है ना ही कोई मूर्ति है वहां पर बस देवी की योनि है उससे और वह नीचे गर्भ ग्रह है वहां पर साथी साथ कालिका पुराण में यह भी लिखा गया है कि जो इश्क कामाख्या मंदिर में जाता है वहां पर हर किसी की मनोकामनाएं पूरी होती है मान्यता यह भी है कि कामाख्या मंदिर में बलि विधि जाती है कुछ लोगों को अपने कार्य पूर्ण कराने के लिए वहां पर बलि देने का प्रावधान भी है और जो बलि दी जाती है वह किसी इंसान की बलि नहीं होती है वह बनी होती है बकरों की ओर भैसों की जो कि वहां पर दे दी जाती है और यह एक देवी के योनि भाग के अलावा वहां पर 10 महाविद्याओं के भी मंदिर स्थित है वहां पर एक माइक पर्वत स्थित है जहां पर सारे तांत्रिकों का जमावड़ा रहता है जो बहुत बड़े और उच्च के तांत्रिक हैं और वहां से मयंक पर्वत नहीं छोड़ते मान्यता यह है कि अगर वह माइंड पर्वत छोड़ेंगे तो वहां पर उनकी जितनी तांत्रिक शक्ति हैं वह सब खत्म हो जाएंगी और वह मृत्यु को प्राप्त हो जाएंगे तो दोस्तों मैं आप लोगों को जो मैंने बताया है यह तो कुछ ही राज है बाकी के राज जो कामाख्या मंदिर के हैं वह पुराणों में जो हमारे अभी जो हम पर पुराण है उनमें बहुत कम यह रास्ता बताए गए हैं बाकी बहुत सारे पर आज हमारे चले गए हैं जो पुराने चला दी गई है मुगलों ने चलाई है मुगलों ने यह मंदिर तोड़ने की भी काफी बार कोशिश करी है मगर वह इस चीज में सफल नहीं हो पाए आप देख सकते हैं यह कितना बड़ा सिद्ध पीठ है और यह कितना मान्यता है इस मंदिर कि आप लोग जरुर जाकर एक बार कामाख्या देवी के दर्शन करें और वहां पर हो सके तो देवी का ध्यान जरूर करें I
Monday, 5 June 2017
लक्ष्मी प्राप्त करने के चमत्कारी उपाय
आपको लक्ष्मी लाने के चमत्कारी उपाय बताएंगे की लक्ष्मी की प्राप्ति कैसे हो सकती है धन की प्राप्ति आपको कैसे हो सकती है तो सबसे पहला उपाय सबसे पहले आप लोग पांच मुट्ठी साबुत मूंग लीजिए और उस को सफ़ेद रुमाल में लपेट लीजिए सूर्य उदय होने से पहले उसको आप किसी भी जल में जाकर बढ़ा दीजिए और यह उपाय आपको बुधवार को करना है कोशिश कीजिए हर बुधवार को कीजिए अगर हर बुधवार को नहीं हो पा रहा है तो महीने में एक बुधवार को जरूर कीजिए इससे आपको लक्ष्मी की वर्धन की बहुत प्राप्ति होगी हाथी साथ आपने अपने घर में उड़ते हुए हनुमान जी का एक चित्र लाकर रख सकते हैं और उसकी पूजा नियमित रूप से कीजिए उससे भी आप लोगों को धन की प्राप्ति हो सकती है दिवाली के दिन आप लोग हत्था जोड़ी लाई है और वह हत्था जोड़ी लाकर आप अपने घर में स्थापित कीजिए और हत्था जोड़ी को सबसे पहले आप अपने मुख्य द्वार पर रखी है दीवाली की रात फिर अगले दिन आप उसको अपने मंदिर में रख कर उसकी नियमित रूप से सिंदूर चला कर पूजा कर सकते हैं उससे भी आपको धन की प्राप्ति अवश्य होगी और बहुत शीघ्र होगी कुछ उपाय ऐसे हैं जो आप रोजमर्रा की जिंदगी में कर सकते हैं जैसे कि बिस्तर पर बैठ कर खाना खाने से लक्ष्मी रूठ जाती है लक्ष्मी चली जाती है तो कोशिश कीजिए बिस्तर पर बैठकर खाना मत खाइए साथी साथ शाम के बाद कभी भी घर पर झाड़ू का इस्तेमाल मत कीजिए घर में झाड़ू मत लगाइए को झाड़ू लगाने से लक्ष्मी चली जाती है यह रोजमर्रा की जिंदगी में आप लोग कर सकते हैं श्री सूक्त का पाठ करें उसे भी आपको धन की प्राप्ति अवश्य होगी और बहुत शीघ्र होगी इसके बाद आपने पूर्णिमा को खीर का भोग लगा सकते हैं भगवान को मां लक्ष्मी को और गणेश भगवान को पूर्णिमा वाले दिन अगर आप खीर का भोग लगाएंगे तो आपको धन की प्राप्ति अवश्य होगी अपने घर में श्री यंत्र भी स्थापित करवा सकते हैं और आप लोग श्री यंत्र स्थापित नहीं करवा सकते तो उसके लिए दूसरों का यह है कि आप श्री यंत्र भोजपत्र पर नाकाम पत्र पर बनाइए और उसको अपने मंदिर में स्थापित कीजिए इससे आपको लक्ष्मी की ओर धन की प्राप्ति बहुत हो सकती है I
नवरात्रि में ये टोटके करे और बदले अपनी किस्मत
नवरात्रों में आप अपनी किस्मत कैसे बदल सकते हैं हम लोगों को ऐसा क्या करना चाहिए है कि नवरात्र में जो हम पूजा पाठ करें या देवी का जो भी ध्यान करें उस पर हमारी किस्मत कैसे पलटे कैसे अच्छा हो सकता तो सबसे पहले आप लोगों को यह पता होना चाहिए कि नवरात्र 9 दिन के लिए मनाए जाते हैं साल में दो बार नवरात्र का पर्व मनाया जाता है मानना चाहिए यह है कि उन 9 दिनों के लिए देवी दुर्गा इस धरती पर आकर सारे पापों का विनाश करती हैं वह स्वयं इस धरती पर होती हैं और जो लोग नियमित रूप से दुर्गा देवी की इन 9 दिनों में पूजा पाठ करते हैं उनको अच्छे फल की प्राप्ति होती है क्या यह जानते हैं कि हम लोग इन 9 दिनों में क्या क्या कर सकते हैं जिससे कि हमारा भाग्य उन्नति करें और हमारी किस्मत आगे चलकर चमके सबसे पहले आप लोगों को इन 9 दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ नियमित रुप से रोज सुबह करना चाहिए साथी साथ दुर्गा का पाठ करेंगे तो उसी के साथ शिवलिंग पर जल जरूर चढ़ाई है क्योंकि कुछ लोग दुर्गा सप्तशती का पाठ तो करते हैं मगर शिव भगवान की पूजा नहीं करते शिवलिंग पर सुबह जंग जरूर चढ़ाएं और याद रखेगी राहु काल में जल ना चढ़ाएं अगर जिन लोगों का राहू और केतु रोशनी बहुत ज्यादा परेशान कर रहा हो वह लोग राहु काल में जल चड़ा सकते हैं हाथी साथ दुर्गा सप्तशती में अर्गला कीलक दुर्गा खबर और सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ जरूर करें और हो सके अगर आप लोगों के पास समय है तो 1 अध्याय जरूर पढ़ें आप लोग हिंदी में भी पढ़ सकते हैं और संस्कृत में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं और आप लोगों को कोई भी पूजा करने से पहले गणेश भगवान का ध्यान करना सबसे जरूरी है क्योंकि उसके बिना अधूरी है आप लोग पीपल के पेड़ पर हनुमान जी को राम लिखकर अगर हम पीपल के पेड़ पर चलाएं पीपल के रहम पीपल के पेड़ के नीचे नाम लिख कर चलाए पीपल की पत्तियां हमारा भाग्य चमक सकता है पीपल की पत्तियां लेकर अगर हम हनुमान जी को चढ़ाएं यात्रा पीपल के पेड़ को भी चला सकते हैं वरना पीपल की जो पत्तियां होती हैं उस पर श्रीराम लिखकर हनुमान जी को भी चला सकते हैं तो उससे भी आपका भाग्य बदल सकता है इन 9 दिनों में जिन लोगों को शक्ति चाहिए वह लोग यह उपाय जरूर करें जो लोग बीमार हैं अगर आप लोगों के पास और पार्वती की दोनों की एक फोटो है उसको 9 दिनों तक पूजा जिन लोगों को शादी से दिक्कत है जिनकी शादी नहीं हो रही है या शादी होने के बाद दिक्कत है फोटो में उससे भी आप लोगों का दिक्कतें दूर हो सकती हैं आप एक मोती शंख रख सकते हैं सफेद रंग के कपड़े पर और उस मोती शंख पर 11 चावल का दाना आप लोग चलाएं मंत्र बोले ओम रीम श्री महालक्ष्मी नमः यह मंत्र बोलकर आप एक-एक चावल डालिए और एक माला मंत्र आप जरुर करिए यानी कि 108 बार रोड नो दिन और 11 दिन जो शंख का जो चावल है और जोश अंक है वह आप अपनी तिजोरी में रख लीजिए इस पर आप लोगों को धन की प्राप्ति होगी इन 9 दिनों में कोशिश कीजिए 9 दिनों में व्रत रखी है जमीन पर सोई है साफ-सुथरे रहिए ज्यादा मत बोलिए पूजा-पाठ कीजिए और एक दम शुद्ध रहिए इन 9 दिनों में आप लोगों का भाग्य जरूर बदल सकता है साथ ही साथ आप लोग श्री यंत्र भी स्थापित करवा सकते हैं अपने घरों में इन 9 दिनों का बहुत शुभ काल माना गया है जिन लोगों को धन प्राप्ति में बहुत ज्यादा कमी है वह लोग अपने घर पर श्री यंत्र स्थापित करवा सकते हैं और वह लोग नियमित रूप से श्री यंत्र की पूजा करें इससे आपको धन की प्राप्ति जरूर होगी हाथी साथ 500 दिन जो नवरात्र का माना गया है जब पांचवा दिन होता है उस समय एक केला और शहद मां दुर्गा को चलाइए उससे आप लोगों के घर में जितने भी क्लेश हैं उन सब का निवारण जरूर होगा और सातवा दिन आप लोग नवरात्र के सातवें दिन का भोग मां दुर्गा को लगाइए उससे आप लोगों के जन धन संबंधित परेशानियां हैं वह जरूर समाप्त हुई और नियमित रूप से 9 दिन पूजा कीजिए मां दुर्गा का सानिध्य में जाइए और साथी साथ फिर भगवान को जल चढ़ाना ना भूलिए शिवलिंग पर नियमित रुप से जरूर पूजा कीजिए इन 9 दिनों में I
Saturday, 3 June 2017
बियर पिने के फायदे - Health Benefits of Drinking Beer
जिसमें आप सभी लोगों का स्वागत है आज मैं आप लोगों को बताऊंगी बियर पीने से होने वाले आश्चर्यजनक फायदों के बारे में क्या आपको भी यह बताने में शर्म आती है कि आप बीयर पीते हैं तो अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हम आपको बताएंगे कि इस से होने वाले फायदों के बारे में बीयर को बड़े ही बुरा माना गया वह मगर साइंस ने भी माना है की सही मात्रा में बीयर का सेवन करने से आपको कहीं स्वास्थ्य संबंधी फायदे हो सकते हैं मगर इसके लिए जरूरी है की BF को सही मात्रा में ही दिया जाए अल्कोहल पिया पदार्थों में बीयर सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है बियर में अल्कोहल की मात्रा अन्य प्रकार के शराब के मुकाबले कम होती हैं वैसे तू भी एक नशीला पदार्थ है लेकिन अन्य नशीले पदार्थों की तुलना में बिहार के स्वास्थ्य संबंधी फायदे भी हैं निर्माण की दृष्टि से गेहूं चावल आदि के फर्मेंटेशन से बनाई जाती है ऐसी भी होती जिनमें जड़ी बूटियों पैदा करने वाले पदार्थ मिलाए जाते हैं भारतीय बाजारों में आमतौर पर बेची जाती है बनाए नही होती है जहां अन्य शराब बहुत हानिकारक होती है वही बियर पीने के कई सारे लाभ हैं जानते हैं बीयर पीने से होने वाले लाभ के बारे में बीयर कुदरती प्रिजर्वेटिव है इसमें ना तो मिलावट होती है और यह ब्रेड की तरह ही बनती है सीमित मात्रा में बीयर पीने से कैंसर और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है किडनी में स्टोन नहीं होता बियर पीने वाले लोगों में किडनी स्टोन होने का खतरा उन लोगों के मुकाबले 40% कम होता है जो बीयर नहीं पीता पाचन शक्ति को बढ़ाती है बिहार में घुलनशील रूप में फाइबर पाया जाता है जिससे बात और पेट को साफ करने में मदद करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है शक तत्वों संयुक्त होती है BF BF में मैग्नीशियम कैल्शियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं इसके अलावा भी इसमें क्रोमियम विटामिन पाया जाता है विटामिन बी के स्तर को बढ़ाती है बे में विटामिन B बड़ी मात्रा में पाया जाता है इस में विटामिन बी1 बी6 बी12 होता है बियर बनाने में रक्त की कमी से बचाने वाले तत्व पाए जाते हैं हड्डियों को मजबूत बनाती है इसमें से कौन पाया जाता है जो हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है कि बीमारी में निकोटिनिक एसिड पाया जाता की बीमारी के लिए फायदेमंद होता है होने से रोकता है याद आती है ठीक है संबंधी बीमारी कम होती है स्वस्थ स्टेशन को सही करने को स्वस्थ शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है जो कि काफी फायदेमंद होता है दवा के रूप में शहद मिलाकर पीने से सर्दी और जुकाम में राहत मिलती है यह रक्त संचार को सही करने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में फायदेमंद होती है त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद महिलाएं इस्तेमाल बालों और त्वचा के लिए भी करते हैं शराब के लिए बहुत से व्यक्ति को सीमित मात्रा में समान रुप से स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन अल्कोहल कंटेंट वाली 375 नहीं पीना चाहिए अभी के लिए बस इतना ही I
धरती के अंत की भविष्यवाणियां
कभी होगा या नहीं यह कोई नहीं जानता लेकिन कहते हैं जिसका जन्म होता है उसका अंत निश्चित है अधिकांश धर्म शास्त्रों में दुनिया के पहले की चर्चा की गई शायद यही कारण रहा होगा कि अब तक कई बार दुनिया के विनाश की भविष्यवाणियां भी की गई है कब आएगा कोई सटीक भविष्यवाणी होती है दुनिया का अंत कैसे होगा कब होगी विनाशलीला ऐसे सवाल जिनके जवाब आज भी खोजा जा रहे हैं हेलो दोस्तो मैं हूं शरण भविष्यवाणियों से अवगत कराते हैं जिनमें पृथ्वी के दावे किए गए माया सभ्यता भविष्यवाणी की गई थी कि 2012 में दुनिया का अंत हो जाएगा मेक्सिको की माया सभ्यता के कैलेंडर के हिसाब से यह घोषणा की गई थी माया सभ्यता की प्रमाणिकता इतनी थी किस की भविष्यवाणी को सभी ने सच मान लिया था भारत में तो सभी लोग अपनी अंतिम इच्छा पूरी करने की जद्दोजहद में लग गए थे चारों तरफ हाहाकार मच गया था टीवी रेडियो समाचार पत्रों ने दो लोगों की नींद ही उड़ा दी थी लेकिन 21 दिसंबर 2012 का यह दिन 8 दिनों की तरह ही निकल गया और 2011 में चर्चा में आई है भविष्यवाणी गलत साबित हो गई ऐसा कहा जा रहा था कि माया सभ्यता का कैलेंडर किसी दिन समाप्त हो रहा है मैं कैलेंडर में 21 दिसंबर 2012 के बाद की स्थिति का वर्णन नहीं किया गया था कैलेंडर के अनुसार उसके बाद पृथ्वी का अंत होना था बाबा वेंगा बोल कौंच के नास्त्रेदमस के नाम से मशहूर बाबा वेंगा ने कई भविष्यवाणियां की थी और उनके अधिकतर भविष्यवाणी सही भी साबित हुई लेकिन पृथ्वी को लेकर भविष्यवाणी की थी उस से आम लोगों की चिंता बढ़ गई बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि 5079 में दुनिया खत्म हो जाएगी आपको बता दें कि 1996 में 85 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी पता नहीं उनकी यह बात कितनी सच साबित होगी लियोनार्दो दा विंची लियोनार्दो दा विंची ने भी दुनिया के अंत की भविष्यवाणी की है द विंची के अनुसार दुनिया का अंत 4006 में एक वैश्विक बाढ़ आएगी और सारी दुनिया का सफाया हो जाएगा लियोनार्दो दा विंची लियोनार्दो द विंची इतालवी पुनर्जागरण के सबसे अधिक जाता के रूप में जाने जाते हैं दा विंची पेंटर चित्रकार इंजीनियर संगीत के वैज्ञानिक गणितज्ञ आविष्कारक और बहुत खुश थे डा विंची के मुताबिक दुनिया के खत्म होने की शुरुआत विश्व युद्ध पहाड़ से 21 मार्च 4006 से शुरू होगी और 1 नवंबर 4006 तक पूरी दुनिया जलमग्न हो जाएगी और इस तरह से दुनिया का खात्मा हो जाएगा मार्शल एप्पल वाइट साल 1997 में अमेरिकन रिलीजियस लीडर मार्ग ब्राइटनेस दुनिया खत्म होने का दावा किया था उनका कहना था कि कुछ ऐसा स्पेसक्राफ्ट धरती से टकराएगा जिसे नासा नहीं देख सकेगा है लेकिन की भविष्यवाणी गलत साबित हुई और बाद में उन्होंने खुद अपने कुछ फोटो सुसाइड कर लिया था न्यूटन की भविष्यवाणी यह दुनिया कब तक चलती रहेगी कभी दुनिया का अंत होगा यह सवाल हर किसी के मन में उठता है दुनिया के कई भविष्यवक्ताओं में से एक फादर ऑफ मॉडर्न साइंस सर न्यूटन भी थे जिन्होंने कहा था यह दुनिया 2060 में खत्म हो जाएगी खास बात यह है कि न्यूटन है ऐसे ही नहीं कहा था इसके पीछे का फार्मूला था न्यूटन द्वारा 1704 में लिखे नोट में इस बात की पुष्टि होती है उन्होंने उसी समय भविष्यवाणी कर दी थी कि 2060 के बाद पृथ्वी कितने भाई शुरू हो जाएगी ट्यूबवेल ताइवान के धार्मिक ग्रूमिंग चयन बोर्ड चयन ताऊ हट रोहिणी युवकों के सिद्धांत और ईसाई और बौद्ध धर्म को आधार मानकर यह घोषणा की थी कि 25 मार्च 1986 को उप बोर्ड को धरती पर आकर दवाई की घोषणा करेंगे उसी वर्ष दवाई भी होगी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं हालांकि इस भविष्यवाणी की खबर से सारा मीडिया भरा पड़ा था स्टीफन विलियम हॉकिंग प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन विलियम हॉकिंग ने दावा किया है कि मानव जाति अधिकतम 1000 साल तक जीवित रह सकती है क्योंकि पृथ्वी का एक गोला 1000 साल में समाप्त हो जाएगा उन्होंने कहा कि मनुष्य को 1000 साल के भीतर किसी अन्य ग्रह पर बस्तियां बसा लेनी चाहिए जिससे कि मानव जाति अपना अस्तित्व ना हो सके बहराइन सभी भविष्यवाणी में कुछ की तिथि बीत चुकी है तो कुछ भविष्य के गर्भ में है जो तारीख ही निकल गई उनसे यही प्रतीत होता है कि यह भविष्यवाणी या गलत ही साबित हुई है लेकिन भविष्य में कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता यह भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा तब तक के लिए आप जिंदगी के मजे लेते रहिए और हां I
भारत में 7 स्थानों पर आते है एलियंस
धरती के बाहर संसार हमेशा से इंसान के लिए जिज्ञासा का विषय रहा है इसी जिज्ञासा को शांत करने के लिए इंसान ने धरती से बाहर अन्य ग्रहों पर कदम रखे हालांकि विज्ञान के लिए काम काफी चुनौती भरा रहा जिस तरह से इंसान ने दूसरे ग्रह पर कदम रखा उसी तरह यह भी माना जाता है कि दूसरे ग्रह के लोगों की भी पृथ्वी पर नजर रही होगी और वह कई बार पृथ्वी पराए भी होंगे और इसी विषय को लेकर विश्वभर में वैज्ञानिकों ने शोध करना शुरु कर दिया किसी शोध के चलते भारत में से कई स्थानों के नाम सामने आए जहां पर एलियन के होने की बातें कही जाने लगी Iआज आपको भारत की उंर 7 स्थानों से अवगत कराते हैं जहां पर एलियन के होने के साक्ष्य मिलते रहे हैं हिमालय में रहते हैं एलियंस विश्वभर की वैज्ञानिक मानते हैं इसी धरती पर कुछ जगहों पर छुपकर एलियन रहते हैं यानी कि दूसरे ग्रह के लोग उन जगहों में से एक है हिमालय भारतीय सेना की यूनिट होने सन 2010 में जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में उड़ने वाली अनजान वस्तुओं यानी कि यूएफओ को देखे जाने की खबर दी थी लेकिन बाद में इस खबर को दबा दिया गया लेकिन सोशल मीडिया पर इस खबर की खासी चर्चा रहे स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर युवकों का अंडरग्राउंड क्षेत्र है यह लोगों ने अजीब प्रकार की चीज को आते जाते देखा है टूरिस्ट ने भी इनके दिखने की पुष्टि कई बार की है हालांकि साइंटिस्ट इस बात को नहीं मानते हैं उड़ीसा में उतरे थे एलियन वर्ष 1947 में भारत के आजाद होने से कुछ माह पहले ही यूएफओ को उड़ीसा की नयागढ़ जिले में उतरते देखे जाने की बात कही गई थी स्थानीय लोग इस बात की पुष्टि भी कर हैं हैं उन्होंने कैसा अंतरिक्ष यान देखा था जो दिखने में प्लेट के समान था एक स्थानीय कलाकार पंचानन मोहना ने इस घटना को ताड़ पत्र पर खुदाई कर दर्ज किया था यह 31 मई 1947 को पहाड़ी इलाके नयागढ़ में उतरे थे इसके बाद अमेरिकी वायुसेना नहीं यहां से गुडन तस्तरी को बरामद करने का दावा किया था हालांकि इस घटना को बाद में अमेरिका और भारत नीचे पानी का प्रयास किया था नर्मदा घाटी नर्मदा घाटी दुनिया की सबसे विचित्र जगह में से एक है क्योंकि इसमें डायनासोर के अंडे भी मिले हैं बड़े-बड़े जीवो के कंकाल भी मिले हैं और यहां पर एलियंस होने की संभावना जताई जाती रही है इसलिए यहां पर एक प्रयोगशाला बनाई गई है जो मांगती है कि उनके यहां एलियन होने के संकेत मिलते रहे हैं लेकिन यहां क्यों आए थे यह सब एक रहस्य है यहां के आदिवासियों ने भिड़ंत श्री को देख कर उसकी आकृति बनाकर वैज्ञानिकों को दिखाई है बस्तर की गुफा छत्तीसगढ़ के जिले बस्तर की गुफाओं को दो वैज्ञानिकों ने एलियन का घर तक करा दे दिया क्योंकि वहां 10000 साल से भी पुराने शेर चित्र प्राप्त हुए हैं उन चित्रों में सबसे खास बात यह है कि उनमें अनेक युवकों बनी हुई है यही नहीं चित्रों में साफ दिख रहा है कि उन उड़नतश्तरियों से जो प्राणी निकल रहे हैं वह मानव नहीं है क्योंकि उनके सिर पर हेलमेट और एंटीना लगे थे शादी में छड़ी की मदद से मांगो को कुछ दिखाने की कोशिश भी कर रहे थे वैज्ञानिक कहते हैं कि 10000 साल पहले बनाए गए चित्र स्पष्ट करते हैं कि यहां पर एलियन आए थे अजंता और एलोरा इसे तो एलियंस का शहर माना जाता है शादी पड़ताल यह भी बताती है कि यहां एलियंस के रहने के लिए अंडर ग्राउंड व्यवस्था भी की गई है आपको बता दें कि यह गुफाएं कोई आम गुफाएं नहीं है क्योंकि मैं आज के समय का इंसान नहीं बना सकता शादी यहां पर एक गिलास मंदिर भी है और माना जाता है कि इसे बनाने में एलियंस का हाथ भी शामिल है क्योंकि आज की हमारी उन्नत विज्ञान इस मंदिर को बनाने में सक्षम नहीं है तो खुद सोचिए कि प्राचीन काल जिनको विज्ञान का ज्ञान तक नहीं था वह से कैसे बना सकते थे और एक और बात इसकी इंजीनियरिंग 4000000 टन की चट्टानों पर की गई है जो कि 4000 साल पहले के लोगों से सभ्यता में नहीं कर सकते थे महाबलीपुरम समुंद्र किनारे बसा केरल का महाबलीपुरम शहर बहुत ही प्राचीन शहर है यहां पर एक प्राचीन गणेश मंदिर बना है जिसकी शिखर को स्पष्ट रुप से रॉकेट की आकृति का बनाया गया है इस मंदिर की जांच करने के बाद यहां रेडियो एक्टिविटी मैटीरियल्स भी मिलने की पुष्टि होती है यहां पर एक बहुत ही परफेक्ट गर्ल बना है माना जाता है कि यहीं से दूसरे ग्रह के प्राणी क्रोकेट को लॉन्च करते थे द्वारिका एलियंस के अवशेषों की खोज करने वाले वैज्ञानिक कहते हैं कि द्वारिका एलियंस ने किया था इस नगर को एलियंस ने हमला करके नष्ट कर दिया था माना जाता है कि श्री कृष्ण के यहां आने से पूर्व से कोशिश ताली कहते थे यह नजर पहले से ही जल में डूबा हुआ था दोस्तों भारत के हिसाब स्थान एलियंस को लेकर विश्वभर में कोतूहल का विषय रहे हैंI
श्रीहनुमान की तरह ये रहस्यमयी आज तक जीवित || Mysterious People Who Still Alive
हिंदू धर्म ग्रंथों में शामिल इस श्लोक की प्रथम दो पंक्तियों का अर्थ है कि अश्वत्थामा बलि व्यास हनुमान विभीषण कृपाचार्य और भगवान परशुराम की सात महामानव चिरंजीवी है यानी कि कभी नहीं मरने वाले इंसान होते हैं आदि काल से ही देवता हो या फिर मनुष्य सभी शिक्षा के लिए तब करते थे क्यों न अमर होने का वरदान मिल जाए लेकिन ऐसा वरदान किसी को नहीं मिला क्योंकि प्रकृति का नियम है जो आया है वह जाएगा ही फिर भी सात महामानव अजर अमर है वह कोई तेरी आंसू नहीं बल्कि इंसान है यह सब लोग अपने जन्म के बाद से लेकर आज तक हर युग में हर काल में मौजूद रहे हैं आज आपको परिचित करवाते हैं ऐसे महान इतिहास पुरुषों से जिनमें से कुछ नहीं मृत्यु पर विजय हासिल की तो कुछ को श्राप कि पृथ्वी के अंत तक मुक्त नहीं होने का द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को अमरत्व प्राप्त है लेकिन यह मृत्यु कोई वरदान नहीं बल्कि श्राप है अश्वत्थामा महाभारत में कुरुक्षेत्र का युद्ध लड़ने वाली योद्धाओं में से एकमात्र जीवित होता है द्रोपदी के पांच निर्दोष पुत्रों की हत्या करने पर श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को पाप मुक्ति के लिए श्राप दिया जिसे सृष्टि के अंत तक ऐसे ही चिरंजीवी बंद कर भटकना पड़ेगा ना कोई उससे बात कर सके गाना कोई उसे चाहेगा उसे अपने पाप और गांवों के साथ ऐसे ही तड़पना होगा समय पर ऐसे-ऐसे खबरें आती है कि अश्वत्थामा को देखा भी गया है महाबली का राज्य तीन लोगों में फैला था विष्णु ने जब वामन अवतार में उनसे तीन कदम रखने को जगह मांगी तो उन्होंने धरती और पाताल के साथ तीसरा भाग रखने के लिए स्वयं का शरीर में आगे कर दिया इस दान वीरता और साहस को देखकर भगवान विष्णु ने उन्हें चिरंजीवी बना दिया रुद्रावतार और राम भक्त हनुमान के बारे में भी कहा जाता है कि वह चिरंजीवी है रामायण के समय में उन्होंने भगवान राम कथा दिया वही महाभारत काल में अर्जुन की शक्ति बढ़ाने के लिए रक्त के प्रकार का पर मौजूद रहे कहा जाता है कि हनुमान को चिरंजीवी होने का आशीर्वाद सदा ने दिया था परशुराम भी चिरंजीवी है परशुराम का वर्णन रामायण में सीता स्वयंवर के दौरान आता है वही परशुराम की उपस्थिति महाभारत में भी है महाभारत में परशुराम कुंभकरण वध भीष्म का गुरु बताया गया है कल्कि पुराण के अनुसार परशुराम ही कल्कि अवतार की गुरु हिंदी कृपाचार्य के बारे में अलग अलग लोगों के अलग अलग मत है को छूने चिरंजीवी मांगते हैं और कुछ नहीं कृपाचार्य कौरवों और पांडवों दोनों के गुरु थे महाभारत युद्ध में वह राग धर्म निभाने के लिए कौरवों की तरफ से शामिल हुए व्यास मुनि ने महाभारत की रचना की थी और वह ग्रंथ की एकमात्र भी थे महर्षि व्यास का वर्णन रामायण के अलावा सतयुग में भी आता है रावण के भाई विभीषण को भी साथ चिरंजीवी में से एक माना जाता है राम और रावण के युद्ध के दौरान विभीषण ने ग्राम का साथ दिया वही महाभारत काल में भी राज सूर्य यज्ञ समय विभीषण ने पांडवों का निमंत्रण स्वीकार किया और उंहें उपहार भेजें दोस्तों यह थे हिंदू मान्यता के अनुसार वह चिरंजीवी जो अनादि काल से सृष्टि के अंत तक जीवित रहेंगे इन में से छह चिरंजीवी अपनी योग्यता और गुणों के कारण अजर अमर है वही अश्वत्थामा एक श्राप के कारण अमृत्व को झेल रहे हैं I
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धन कमाने के चमत्कारी टोटके
कभी भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहेगी तो मरते हैं पहले टोटके की तरह गुरुवार के दिन आप गुरुवार को पीली वस्तु का दान कीजिए पीली मिठाई खाई ह...
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आज हम बात करेंगे कि कामाख्या जो मंदिर है कामाख्या मंदिर जो आसाम में स्थित है उसके बारे में उसके राज हम आप लोगों को बताएंगे और साथ ही साथ में...
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बात करेंगे सपनों का क्या मतलब होता है आदमी चाहे दिन में हो या रात में हो जब भी सोता है उसको सपने जरूर आते हैं किसी किसी को नहीं आते मगर देखा...
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मिश्रा जी शराब के क्या उपाय होते हैं श्राद्ध का क्या महत्व है श्राद्ध क्यों करते हैं श्राद्ध उन लोगों का होता है जो लोग मर चुके होते हैं हम...