मिश्रा जी शराब के क्या उपाय होते हैं श्राद्ध का क्या महत्व है श्राद्ध क्यों करते हैं श्राद्ध उन लोगों का होता है जो लोग मर चुके होते हैं हमारे पूर्वज पूर्वज श्राद्ध करते हैं श्राद्ध का मतलब होता है उन लोगों की आत्मा को हम लोग एक तरीके से तृप्ति दे रहे हैं और सर आपका जो समय काल होता है वह 16 दिन का होता है और छात्र 16 दिन चलते हैं मगर हर आदमी कि जो मरा हुआ होता है उसकी अपनी एक तिथि होती है उस हिसाब से हम श्राद्ध का जो पर्व है उसको मनाते हैं और वहां पर बात करते हैं तो जिसको अपने पूर्वज के यह अपने पिता के यहां किसी की भी मरने की तिथि याद नहीं है तो कहा गया है तू जो तू कहा गया है कि जो 16 दिन होता है उस दिन आप प्राप्त कर सकते हैं इसी के साथ मैं आगे बढ़ता हूं और मैं आप लोगों को बताता हूं कि शराब क्या होता है उसके उपाय को क्या होते हैं किसको समर्पित होता है कैसे होता है वह जो पहला प्रिंट होता है वह चंद्रमा को समर्पित होता है दूसरा पिंड होता है जो पत्नी करती है और तीसरा पिंड जो होता है वह अग्नि को होता है समर्पित आधुनिक होते हैं क्योंकि वह सुख शांति के लिए किया जाता है 300 में पिंडदान होता है श्राद्ध हमें अपने पूर्वजों का कुछ भी पता नहीं है आपको हंसते हैं अपने दादा का यह पर्दा दादर तक का पता होता है उसके बाद आप को यह नहीं पता होता है कि आपके पूर्वजों का मौत का क्या कारण था क्यों मरे क्या उन्होंने पाप किए थे तो श्राद्ध उन्हीं के लिए किया जाता है और साथ ही साथ यह इस इस समय काल को हमारे शास्त्रों में बहुत जरूरी बताया गया है क्योंकि इन्ही 16 दिनों के समय काल में जो हमारे पूर्वज हैं और जो वह आते हैं और हम उनको जो भी दान-दक्षिणा देते हैं वह उस चीज को समर्पित करते हैं उससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनकी आत्मा की तृप्ति होती है तो पहली पूजा जो होती है वह सूर्य देव की होती है और पहली पूजा अग्नि देश की होती है हाथी साथ अगर आप अपनी कुंडली उठाकर देखें इस कुंडली में पंडित कहता है कि पितृ दोष हैं वह पित्र दोष निवारण आप लोगों को रात के माध्यम से भी कर सकते हैं साथ ही साथ अगर आप लोग साथ नहीं करते हैं आपके जो आगे आने वाली पूछते हैं उनकी कुंडलियों में भी पित्र दोष हो सकता है और पितृदोष बहुत खराब दोष माना गया है उससे बहुत ज्यादा बाधाएं आती हैं लोगों के जीवन तुषार जरूर करना चाहिए शराब बहुत महत्वपूर्ण समय काल है जो अपने पूर्वजों के लिए आप लोगों को समय निकाल कर उन लोगों की आत्मा की शांति के लिए यह पूजा-पाठ का जो काम है जरूर सही ढंग से विधि विधान से करना चाहिए शराब के बारे में महाभारत में भी जिक्र है भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को श्राद्ध का महत्व बताया था तो सोचिए शराब कितनी पुरानी परंपरा है जो महाभारत काल और उससे पहले से चली आ रही है और आज भी हम लोग से बात करते हैं और करना चाहिए श्राद्ध में एक बहुत महत्वपूर्ण बात आप लोगों को ध्यान रखनी है कि ब्राह्मणों को भोजन जरूर कराएं अगर ब्राह्मण नहीं करा सकते गाय को खाना जरूर खिलाएं 16 दिन यह भी एक तरीके से आपने जो आपके पूर्वज हैं उनकी आत्माओं की संतुष्टि के लिए कर रहे हैं ब्राह्मणों को बहुत बताया गया है और ब्राह्मणों को तो नहीं कर सकता भोजन नहीं खिला सकता वह गाय को जरूर खिलाएं हाथी साथ जो लोग अकाल मृत्यु में मरते हैं जिन लोगों की अकाल मृत्यु होती है वह सर्प योनि में जाते हैं जो लोग आत्महत्या अगर आप उसकी सुनिए उस हिसाब से आप शराब कीजिए और मैं आप लोगों को एक सबसे रोचक तथ्य बताना चाहता हूं शराब के बारे में सबसे पहले शराब महर्षि अग्नि मुनि ने महर्षि निम्मी को बताया था क्योंकि बहुत कम लोगों को पता है तो सोचिए हमारे महर्षियों के समय काल से शराब की परंपरा है इसरार बहुत जरुरी है इसको कीजिए विधि-विधान से कीजिए पूजा पार्टी कीजिए बाकी धर्म-कर्म के काम भी कीजिए I
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
धन कमाने के चमत्कारी टोटके
कभी भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहेगी तो मरते हैं पहले टोटके की तरह गुरुवार के दिन आप गुरुवार को पीली वस्तु का दान कीजिए पीली मिठाई खाई ह...
-
आज हम बात करेंगे कि कामाख्या जो मंदिर है कामाख्या मंदिर जो आसाम में स्थित है उसके बारे में उसके राज हम आप लोगों को बताएंगे और साथ ही साथ में...
-
कभी भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहेगी तो मरते हैं पहले टोटके की तरह गुरुवार के दिन आप गुरुवार को पीली वस्तु का दान कीजिए पीली मिठाई खाई ह...
-
महिला नागा साधुओं की रहस्यमय दुनिया से देश में बहुत कम लोग परिचित हैं महिला नागा साधुओं की दुनिया भी काफी रोचक तारों से भरी होती है हम...
No comments:
Post a Comment